9 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के बीच में ‘बटेंगे तो कटेंगे’ के नारे पर सियासत गरम हो गई है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष हर दिन सरकार पर हमला बोल रहा है। आज अखिलेश यादव ने सीएम योगी के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ के नारे पर फिर अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए हमला बोला है। साथ ही अखिलेश यादव ने योगी के नारे को नकारात्मक भा बताया है। सपा प्रमुख ने तो इस नारे को देश के इतिहास में सबसे निकृष्टतम नारा करार दिया है। अखिलेश यादव का कहना है कि अब उनके पास जो 10 परसेंट वोटर्स बचे हुए हैं, उन्हें वो इस नारे के जरिए डराने की कोशिश कर रहे हैं।
‘डराकर एक करने की कोशिश में जुटे’
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,” उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10% मतदाता बचे हैं अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसीलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन ऐसा कुछ होनेवाला नहीं। नकारात्मक-नारे’ का असर भी होता है, दरअसल इस ‘निराश-नारे’ के आने के बाद, उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताक़तवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमज़ोरी की ही बातें कर रहे हैं।
उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है।
इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10% मतदाता बचे हैं अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसीलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन ऐसा कुछ होनेवाला नहीं।
‘नकारात्मक-नारे’ का असर भी होता है, दरअसल…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 2, 2024
‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है
आगे लिखा कि जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है; ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा। देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आख़िरी ‘शाब्दिक कील-सा’ साबित होगा।देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नजर और नजरिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा। एक अच्छी सलाह ये है कि ‘पालें तो अच्छे विचार पालें’ और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बाँहों को भी, इसी में उनकी भलाई है।
सपा ने भी जवाब में लगाया था पोस्टर
योगी के बटेंगे तो कंटेंगे के नारे के बाद यूपी ही नहीं, देश के अलग-अलग राज्यों में बंटेंगे तो कंटेंगे के पोस्टर लगाए गए। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने बटेंगे तो कटेंगे के जवाब में न बंटेंगे ना कटेंगे PDA संग रहेंगे के नारे वाला पोस्टर लगाया था। दरअसल, योगी ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए लोगों से एक रहेंगे नेक रहेंगे की अपील की थी।
पीएम ने भी किया था नारे का समर्थन
सीएम योगी के इस नारे का बीजेपी के सबसे बड़े नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुहर लगा दी। पीएम मोदी ने भी दीपावली के मौके पर कहा कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी हिंदूओं से एकजूट होने की बात कही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि अगर बंटेंगे तो बांटने वाले की महफिल सजेगी।
डिप्टी सीएम ने बोला हमला
इस बीच अखिलेश पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा हमला बोला है। केशव मौर्य ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करके लिखा,”अखिलेश यादव का PDA एक छलावा है, PDA परिवारवाद-दंगाई-अपराधी का गठबंधन है। बीजेपी के PDA में प्रगति-विकास और सुशासन है। जनता जानती है असली PDA कौन लेकर आया है।
श्री अखिलेश यादव का “PDA” असल में परिवार डेवलपमेंट एजेंसी ही है—नाम तो गरीबों, पिछड़ों और दलितों का असल मकसद सिर्फ अपने परिवार का विस्तार करना है।असलियत में टिकटों की लिस्ट आयेगी तो बस चाचा-भतीजे और करीबी ही नजर आते हैं।
सपा ने ग्राम सभा से लेकर लोकसभा तक परिवारवाद का झंडा…— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) November 2, 2024
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